परंपरा के साथ, हर दिन
पंचांग सीखें
तिथि से त्योहार तक — आपकी संस्कृति, आपके साथ.
पंचांग के पाँच अंग
तिथि सूर्य-चंद्र के १२ अंश अंतर का भाग है। नक्षत्र चंद्रपथ के २७ भागों में एक है। योग सूर्य-चंद्र के निरयण अंशों के योग से बनता है। करण आधी तिथि है और वार सप्ताह का दिन।
शहर क्यों जरूरी है?
सूर्योदय और सूर्यास्त स्थान के अनुसार बदलते हैं। इसलिए सूर्योदय की तिथि, चौघड़िया और स्थानीय उत्सव एक ही तारीख को अलग हो सकते हैं।
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उत्तरायण ↗वसंत पंचमी ↗महाशिवरात्रि ↗होली ↗धुलेंडी ↗राम नवमी ↗हनुमान जयंती ↗अक्षय तृतीया ↗रथयात्रा ↗गुरु पूर्णिमा ↗रक्षाबंधन ↗नाग पंचमी ↗रांधण छठ ↗शीतला सप्तमी ↗जन्माष्टमी ↗गणेश चतुर्थी ↗ऋषि पंचमी ↗अनंत चतुर्दशी ↗नवरात्रि प्रारंभ ↗दशहरा ↗शरद पूर्णिमा ↗धनतेरस ↗काली चौदस ↗दीपावली ↗गुजराती नव वर्ष ↗भाई दूज ↗लाभ पंचमी ↗तुलसी विवाह ↗देव दीपावली ↗
खगोलीय गणना: Astronomy Engine · औसत लाहिरी अयनांश। तिथि सूर्योदय की है; परिवर्तन समय गणना आधारित अनुमान हैं।