महामृत्युंजय मंत्र
त्र्यंबक को समर्पित यह मंत्र बंधन से मुक्ति की प्रार्थना है। आध्यात्मिक पाठ चिकित्सा का विकल्प नहीं है।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
Rigveda 7.59.12; traditional Om prefix. लिपि बदलने से अनुवाद नहीं होता। प्राचीन मूल पाठ की स्वतंत्र टाइपसेटिंग; आधुनिक अनुवाद या संगीत रिकॉर्डिंग शामिल नहीं हैं।