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जय आद्या शक्ति

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पारंपरिक पाठ

जय आद्या शक्ति

इस गुजराती आरती में प्रतिपदा से पूर्णिमा तक की तिथियों के साथ आद्यशक्ति के विविध स्वरूपों का स्मरण है। क्षेत्रीय पाठभेद मिलते हैं; यहाँ एक प्रचलित पाठ दिया गया है।

जय आद्या शक्ति मा, जय आद्या शक्ति। अखंड ब्रह्मांड दीपाव्यां, पडवे प्रगट्यां मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ द्वितीया बेय स्वरूप, शिवशक्ति जाणुं मा। ब्रह्मा गणपति गाये, हर गाये हर मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ तृतीया त्रण स्वरूप, त्रिभुवनमां बेठां मा। त्रया थकी तरवेणी, तुं तरवेणी मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ चोथे चतुरा महालक्ष्मी, सचराचर व्याप्यां मा। चार भुजा चौ दिशा, प्रगट्यां दक्षिणमां॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ पंचमी पंच ऋषि, पंचमी गुण पद्मा मा। पंच सहस्र त्यां सोहीए, पंचे तत्वो मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ षष्ठी तुं नारायणी, महिषासुर मार्यो मा। नर नारीना रूपे, व्याप्यां सघळे मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ सप्तमी सप्त पाताळ, संध्या सावित्री मा। गौ गंगा गायत्री, गौरी गिरिजा मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ अष्टमी अष्ट भुजा, आई आनंदा मा। सुनीवर मुनीवर जन्म्या, देव दैत्यो मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ नवमी नवकुळ नाग, सेवे नवदुर्गा मा। नवरात्रीना पूजन, शिवरात्रीना अर्चन, कीधां हर ब्रह्मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ दशमी दश अवतार, जय विजयादशमी मा। रामे राम रमाड्या, रावण रोळ्यो मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ एकादशी अगियारस, कात्यायनी कामा मा। कामदुर्गा कालिका, श्यामा ने रामा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ बारसे बाळा रूप, बहुचरी अंबा मा। बटुक भैरव सोहीए, काळ भैरव सोहीए, तारा छे तुजमां॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ तेरसे तुळजा रूप, तुं तारुणी माता मा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, गुण तारा गाता॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ चौदशे चौदा रूप, चंडी चामुंडा मा। भाव भक्ति कांई आपो, चतुराई कांई आपो, सिंहवाहिनी मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ पूनमे कुंभ भर्यो, सांभळजो करुणा मा। वशिष्ठ देवे वखाण्यां, मार्कंड मुनिए वखाण्यां, गाई शुभ कविता॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ संवत सोळ सत्तावन, सोळशे बावीस मा। संवत सोळे प्रगट्यां, रेवाने तीरे मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ त्रंबावटी नगरी, आई रूपावटी नगरी मा। सोळ सहस्र त्यां सोहीए, क्षमा करो गौरी मा॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥ शिवशक्तिनी आरती, जे कोई गाशे मा। भणे शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति थाशे, हर कैलासे जाशे, मा अंबा दुःख हरशे॥ ॐ जयो जयो मा जगदंबे॥

Traditional Gujarati Shakti aarti attributed to Shivanand Swami; independently typeset public-domain recension. लिपि बदलने से अनुवाद नहीं होता। प्राचीन मूल पाठ की स्वतंत्र टाइपसेटिंग; आधुनिक अनुवाद या संगीत रिकॉर्डिंग शामिल नहीं हैं।

अन्य पाठ

हनुमान जी की आरती ↗गणेश जी की आरती ↗ॐ जय जगदीश हरे ↗गायत्री मंत्र ↗महामृत्युंजय मंत्र ↗सह नाववतु ↗असतो मा सद्गमय ↗गणेश मंत्र ↗शिव पंचाक्षरी ↗हनुमान चालीसा ↗

खगोलीय गणना: Astronomy Engine · औसत लाहिरी अयनांश। तिथि सूर्योदय की है; परिवर्तन समय गणना आधारित अनुमान हैं।

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